विपस्सना की पहली अनुभूति

सन २०१० के जुलाई महीने में मैं सम्मर वेकेशन मनाने काठमांडू गया। वर्ल्ड कप का नशा हर व्यक्ति में छाया हुआ था। फाइनल देखने के लिए दोस्त के रूम पर बियर के बोतल खुली और वर्ल्ड कप ख़तम होने के बाद घर लौटने की तैयारी करी|

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कृपया गलत का समर्थन ना करे।

कुछ लोग राजनितिक पार्टिया के समर्थन / प्रशंसा ऐसे करते है  मानो की ओ अपने मामा के घर के सोने की हाथी हो। चाहे ओ कांग्रेस हो या कॉम्युनिस्ट। यह लोग एक दूसरे की खिचाई करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ते। मेरे भेजे में एक बात नहीं घुश पाती है की यह लोग किसी भी पार्टी के लिए मरने मिटने के लिए क्यों तैयार होजाते है।

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नव वर्ष २०७३ एक सिख

भगवान – (भुमि, गगन, वायु, अाग, निर)
इन पाच तत्व से बना है भगवान, इनही तत्व से बना है मनुष्य ।
हम ताे निकले थे भगवान के खाेजी मे, यह ताे है हमारे अन्दर ।
पुजते है हम ब्रम्हा, विष्णु, महेश काे, देख पाया इन्हे कभी नही ।
कहते है इन्हाेने बनाया हमें, आया मैं माँ के कोख से।
उन्होंने कहा वो बसते है मंदिरों में, हम यही मानते चले आये।
जब है भगवान अपने अंदर, भटक रही है ये संसार क्यों?

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The concept of blog will never die, perhaps it has increasing rate of scope in upcoming future.

It is found that there is a rampage increase in the rate to write personal blogs where people are interacting with each other via the digital networks. In 2012, blogging.org stated that there were more than 42 million blog users in wordpress.org and 46 million users in blogger.com. These numbers will be reaching the sky limit in upcoming future.

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A Thought into an Action

It started when a car was pooled and the front seat was chosen. A continuous horn was blown by the driver on the busy street. He was suggested not to make noise and was asked to drive peacefully. The fatal consequences of blowing horn in a busy street, residential areas,
school premises & hospital areas were elaborated. The horn was pulled off immediately and the subject was modified. A complete serene environment was created throughout the way until the destination was reached.

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